Anil Kumar

अनिल कुमार — लेखक

अनिल कुमार एक लेखक हैं, जिन्होंने हिंदी और अंग्रेज़ी में आठ पुस्तकें लिखी हैं। उनका जन्म ग्वालियर के एक साधारण परिवार में हुआ। पिता के आकस्मिक निधन के बाद परिवार को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों के दौर से गुजरना पड़ा।

अपने संघर्ष के दिनों में अनिल कुमार ने समाज के अनेक रूपों को बहुत करीब से देखा। उन्हें अपराधियों, ठगों और तथाकथित धर्मगुरुओं जैसे लोगों का सामना करना पड़ा। आर्थिक कठिनाइयों ने उन्हें समाज का वह कठोर और कभी-कभी विकृत चेहरा भी दिखाया, जिसे सामान्य परिस्थितियों में शायद देखना संभव नहीं होता।

लेकिन जीवन ने उन्हें केवल कठिन लोग ही नहीं दिए। इसी यात्रा में उन्हें अनेक अच्छे, संवेदनशील और सहयोगी लोग भी मिले, जिनकी सहायता और विश्वास से वे धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए।

1978 में वे दिल्ली आए, जहाँ उनके जीवन और कार्य को एक नई दिशा मिली। अगले लगभग चार दशकों तक उन्होंने विभिन्न कॉरपोरेट संस्थानों के लिए काम किया और अपने काम के सिलसिले में भारत तथा विदेशों की यात्राएँ कीं। इन अनुभवों ने उन्हें जीवन, समाज, लोगों और परिस्थितियों को बहुत करीब से देखने का अवसर दिया।

2000 से 2005 के बीच उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभवों, विचारों और जीवन की समझ पर आधारित पुस्तकें लिखीं। उनकी कई पुस्तकों को पाठकों का अच्छा प्रतिसाद मिला और वे बेस्टसेलर भी रहीं।

सरल मंत्र

सरल मंत्र अनिल कुमार के इन्हीं जीवन-अनुभवों, विचारों और वर्षों की समझ का संक्षिप्त रूप है।

ये किसी व्यक्ति को उपदेश देने का प्रयास नहीं हैं। ये जीवन को जैसा देखा, समझा और अनुभव किया गया, उससे निकली सरल बातें और व्यावहारिक समझ हैं।

जो जीवन से सीखा, उसे सरल शब्दों में साझा करने का प्रयास—यही सरल मंत्र है।