कदम कदम बढ़ाए जा
कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा
ये ज़िन्दगी है क़ौम की, तू क़ौम पे लुटाए जा…
तू शेर-ए-हिन्द आगे बढ़, मरने से तू कभी न डर
उड़ा के दुश्मनों का सर, जोश-ए-वतन बढ़ाए जा
कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा…
कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा
ये ज़िन्दगी है क़ौम की, तू क़ौम पे लुटाए जा…
चलो दिल्ली पुकार के, ग़म-ए-वतन उतार के
फ़तह के निशान गाड़ के, अपना सुयश बढ़ाए जा
कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा…
कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा
ये ज़िन्दगी है क़ौम की, तू क़ौम पे लुटाए जा…
तेरी बहादुरियाँ देख के, हँसेगा आसमाँ भी झूम के
तू मातृभूमि की धूल चूम के, आज़ाद हिन्द बनाए जा
कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा…
कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा
ये ज़िन्दगी है क़ौम की, तू क़ौम पे लुटाए जा…
Kadam Kadam Badhaye Ja
Kadam kadam badhaye ja, khushi ke geet gaye ja
Yeh zindagi hai qaum ki, tu qaum pe lutaye ja…
Tu sher-e-hind aage badh, marne se tu kabhi na dar
Uda ke dushmano ka sar, josh-e-watan badhaye ja
Kadam kadam badhaye ja, khushi ke geet gaye ja…
Kadam kadam badhaye ja, khushi ke geet gaye ja
Yeh zindagi hai qaum ki, tu qaum pe lutaye ja…
Chalo delhi pukaar ke, gham-e-watan utaar ke
Fatah ke nishaan gaad ke, apna suyas badhaye ja
Kadam kadam badhaye ja, khushi ke geet gaye ja…
Kadam kadam badhaye ja, khushi ke geet gaye ja
Yeh zindagi hai qaum ki, tu qaum pe lutaye ja…
Teri bahaduriyaan dekh ke, hansega aasmaan bhi jhoom ke
Tu maatribhoomi ki dhool choom ke, azaad hind banaye ja
Kadam kadam badhaye ja, khushi ke geet gaye ja…
Kadam kadam badhaye ja, khushi ke geet gaye ja
Yeh zindagi hai qaum ki, tu qaum pe lutaye ja…
इस गीत से जुड़ी कुछ खास बातें:
कदम कदम बढ़ाए जा” (Kadam Kadam Badhaye Ja) भारत की आज़ाद हिन्द फ़ौज (Indian National Army – INA) का आधिकारिक ‘त्वरित मार्च गीत’ (Quick March Past Song) है। इस ओजस्वी और जोश से भर देने वाले गीत को पंडित वंशीधर शुक्ल ने लिखा था और इसे कप्तान राम सिंह ठाकुरी ने संगीतबद्ध किया था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में सैनिकों का हौसला बढ़ाने के लिए यह गीत गाया जाता था।
- लेखक और संगीतकार: इस वीर रस के गीत को पंडित वंशीधर शुक्ल ने लिखा था, और कप्तान राम सिंह ठाकुरी ने इसकी प्रसिद्ध धुन तैयार की थी।
- नेताजी का पसंदीदा: नेताजी सुभाष चंद्र बोस को यह धुन इतनी पसंद थी कि आज़ाद हिन्द फ़ौज के रेडियो (Singapore) की शुरुआत और अंत इसी धुन से होती थी।
- सेना का सम्मान: आज भी भारतीय सेना (Indian Army) के कई रेजिमेंट्स इस धुन का उपयोग अपने मार्च पास्ट के दौरान औपचारिक परेडों में करते हैं।
